बीजेपी नेताओ की फिसलती जुबान कही बिगाड़ न दे चुनावी समीकरण



पिछले कुछ समय से बीजेपी अपने कुछ बड़बोले नेताओ के कारण खासे विवाद में फस गयी है. क्युकि बीजेपी के ही कुछ बड़बोले नेता पीएम मोदी के लाख समझाने पर भी विवादित बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे है. और कही न कही भाजपा अपने ही नेताओ की वजह से मुसीबत में पड़ती नजर आ रही है. ताजा विवाद भाजपा सांसद परेश रावल के विवादित बयान से जुड़ा हुआ है. जिसमे उन्होंने रजवाड़ों की तुलना बंदरों से कर दी. उनके इस बयान पर करणी सेना की त्योरियां चढ़ गई हैं. करणी सेना ने परेश रावल के बयान पर नाराजगी जताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा है. इसमें सेना ने भाजपा से कहा है कि वो खुद परेश रावल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए. इसके साथ ही सेना ने कहा है कि परेश रावल को बाहर का रास्ता दिखाते हुए पार्टी उनके बयान पर अपना रुख साफ करे. परेश रावल देश के 566 राजा-रजवाड़ों के वारिसों से प्रेस कॉन्फ्रेस करके माफी मांगें.इसी के साथ करणी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भाजपा ने ऐसा नहीं किया तो राजपूत समाज पार्टी के सभी प्रत्याशियों का विरोध करेगा. करणी सेना ने कहा है कि परेश रावल के बयान से राजपूत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. लिहाजा उनके खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए जाएं.


पहले भी कई भाजपा नेताओ ने दिए है विवादित बयान 
पहले भी कई भाजपा नेता अपनी फिसलती जुबान से कई विवादस्पद बयान दे चुके है. और पार्टी कही न कही इन बयानों से मुसीबत में पड़ती हुई भी दिखाई देती है.परेश रावल से पहले भी हरियाणा के भाजपा नेता सूरज पाल अमू ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धमकी दी है कि उनका 'सूर्पणखा' जैसा हाल होगा.


विरोध बढ़ने पर मांगी माफी
विरोध को बढ़ता देख बीजेपी को तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलवाकर परेश रावल से बयान बदलवाना पड़ा. सांसद परेश रावल ने माफी मांगते हुऐ कहा कि यह जो बात मैंने बात कही है, वह हैदराबाद के निजाम को ध्यान में रखते हुए कही है. राजपूतों को नहीं कहा है. राजपूत तो हमारे देश के गौरव हैं. कृष्ण कुमार गोहेल जैसे राजपूज, जिन्होंने सामने चढ़कर पटेल को समर्थन दिया था. परेश ने आगे कहा कि ऐसे लोगों के लि‍ये और ऐसी कौम के लि‍ये हमारे मुंह से ऐसे शब्द कभी नहीं निकलेंगे.