5 साल बाद देश की राजनीति मे कहा है आम आदमी पार्टी!



देश मे अन्ना के आंदोलन से उपजी एक ऐसी पार्टी जिसने राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी। पहली बार चुनाव लड़कर ही दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने वाली आम आदमी पार्टी आज अपना 5 वा स्थापना दिवस मना रही है। मूल रूप से भ्रस्टाचार और जनलोकपाल के लिए खड़ी की गई आम आदमी पार्टी का ये 5 साल का सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। जनलोकपाल और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर ही पार्टी काफी भटकी हुई है। 

पांच साल के छोटे से वक़्त में आम आदमी पार्टी ने बड़ा मुकाम हासिल किया।

चाहे केजरीवाल के आलोचक हों या समर्थक. लोगों के बीच ये मान्यता है कि इतनी ऊहा पोह के बावजूद 5 साल में ही केजरीवाल ने वो मुकाम हासिल कर लिया है जो किसी भी नेता के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहता है. कह सकते हैं कि पांच साल जितना समय किसी भी राजनीतिक दल के जीवन में एक लंबा अंतराल नहीं माना जा सकता, मगर आम आदमी पार्टी के ये पांच साल भारतीय राजनीतिक जीवन में उसका एक बड़ा कदम है.

आम आदमी पार्टी के उदय के बाद ये पहली बार था कि किसी पार्टी ने अपने खेमें में उन लोगों को जगह दी जो आम और पूर्ण रूप से अराजनीतिक थे. जिनका कोई  क्रिमिनल बैक ग्राउंड नहीं था. पार्टी ने उन लोगों को राजनीति करने का मौका दिया जिनके बारे में शायद ही कभी किसी पार्टी ने सोचा हो. कह सकते हैं कि धनबल के मुकाबले पार्टी ने हमेशा ही उन लोगों को तरजी दी जिन्होंने अपने को ,लोगों से जोड़ा और जमीन पर आकर काम किया.

आपको बताते चलें कि 26 नवंबर 2017 को आम आदमी पार्टी  की स्थापना के पांच साल पूरे होने पर पार्टी दिल्ली के रामलीला मैदान में 'क्रांति के 5 साल नाम का कार्यक्रम कर रही है जिसमें हिस्सा लेने के लिए देश भर से आप कार्यकर्ता अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे.