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संसद में अपनी ही सरकार के मंत्री पर भड़के राजीव प्रताप रूडी, बोले- नहीं हो रही सुनवाई



भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ सांसद राजीव प्रताप रूडी ने केंद्र सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल पर उनकी मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया. संसद में उन्होंने मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार लाने की बात तक कह डाली. बिहार में ईको टूरिज्म के मामले पर सवाल पूछते हुए रूडी पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें खरी खोटी सुनाई. लोकसभा में बीजेपी सांसद का यह व्यवहार बिल्कुल विपक्षी नेताओं की तरह था.

दरअसल, लोकसभा में बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने प्रश्न काल के दौरान पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल से ईको टूरिज्म को लेकर सवाल किया. रूडी पहले तो मंत्री की ओर से दिए गए जवाब से नाराज दिखे और उन्होंने कहा कि आपने पर्यटन के दृष्टिकोण से ईको टूरिज्म में बिहार का एक भी प्रस्ताव नहीं लिया है, जिसका जिक्र आपने भी किया है. इसके बाद रूडी ने गंडक और घाघरा नदी में डॉल्फिन मछलियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हें देखने हम विदेश जाते हैं.

रूडी ने मंत्री प्रह्लाद पटेल को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में ईको टूरिज्म के लिए भी पैसा जाता है, यह बात मुझे आज मंत्री के जवाब के बाद पता चली है. उन्होंने कहा कि 8 राज्यों में इसके तहत 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं जबकि मैं लगातार सरकार से मांग कर रहा हूं. बावजूद इसके बिहार में ईको टूरिज्म के नाम पर आज तक एक भी पैसा नहीं गया है. उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला और डॉल्फिन इसके उदाहरण हैं.

कानून पढ़ा देते हैं अधिकारी

पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही सरकार पर सवाल करते हुए कहा कि ऐसी मांगों को लेकर तीन साल से सरकार के विभिन्न विभागों में घूम रहा हूं, लेकिन पता नहीं सरकार के किस कार्यालय में यह मांगें विलीन हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों के पास जब भी ऐसा कोई प्रस्ताव लेकर जाता हूं तो वह कानून एक नया पन्ना खोलकर बता देते हैं. बिहार सरकार का प्रस्ताव भारत सरकार में लंबित है और बिहार के खाते में इसका पैसा जाना चाहिए. सोनपुर मेला सारण क्षेत्र में लगता है और सरकार तीन साल से लंबित इस प्रस्ताव के तहत जिस टूरिज्म में डालना चाहे डाल दे.

इसके जवाब में मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ईको टूरिज्म को लेकर बिहार सरकार से सिर्फ एक सामान्य पत्र आया था, कोई प्रस्ताव नहीं आया है. उस पत्र का जवाब भी मैं दे चुका हूं. मंत्री ने कहा कि सांसद को मैंने जवाब दिया है और वह अधिक जानकारी ले सकते हैं. इसके बाद रूडी और पटेल की बीच बहस भी देखने को मिली. रूडी ने कहा कि अगर अधिकारी प्रस्ताव को नहीं मानते हैं तो यह विशेषाधिकार का मामला है, बहस को बढ़ता देख स्पीकर ने अगले सांसद को प्रश्न पूछने का मौका दे दिया.

यह पहला मौका नहीं है जब संसद में रूडी ने अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा किया हो. दूसरी बार मोदी सरकार के गठन के बाद इसी सत्र में प्रश्न काल के दौरान उन्हें कई ऐसे मुद्दों को उठाते देखा गया है जिससे सरकार की सदन में किरकिरी हुई है. पिछले दिनों उन्होंने सदन में BSNL और एअर इंडिया जैसी सरकारी कंपनियों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि इन पर सरकारी खजाने का पैसा लगा है और सरकार को इनकी स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए.