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अय्यर के मोदी को नीच वाले बयान पर बोले राहुल- मुद्दे पर लड़ें नफरत न फैलाएं



कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का बयान तूल पकड़ता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर बीजेपी और कांग्रेस नेता आमने सामने आ गए हैं. अय्यर की टिप्पणी का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संज्ञान लिया और एक ट्वीट में कहा कि 'मुद्दे पर हम एकदूसरे के खिलाफ जरूर लड़ें लेकिन एकदूसरे के खिलाफ हिंसा या नफरत न फैलाएं.'

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा, 'मैं राजनीति में एक नई भाषा आगे बढ़ा रहा हूं. हम लोग मुद्दे पर एक दूसरे के खिलाफ खूब लड़ें, विचारधारा को भी लेकर लड़ें लेकिन एक दूसरे के खिलाफ हिंसा या नफरत कतई नहीं अपनानी चाहिए. ऐसा करना गलत है.'  

उधर प्रधानमंत्री पर मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए बीजेपी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र और अहंकार फिर सामने आया है और उसे इस बारे में जवाब देना चाहिए. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीजेपी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि मणिशंकर अय्यर ने जो कहा है वह एक वेबसाइट पर लेख में कहा है, उस पर कांग्रेस का क्या कहना है? उन्होंने पूछा कि अय्यर के बयान पर कांग्रेस को क्या कहना है? चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भाषा मर्यादा के उल्लंघन पर एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि यह रुकना चाहिए, इसे रोका जाना चाहिए क्योंकि किसी भी जिम्मेदार नेता को इस प्रकार की बातें नहीं करनी चाहिए.

बीजेपी प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्ह राव ने अपने ट्वीट में कहा कि ‘अपशब्द कहने का मुखिया (एब्यूजर इन चीफ)’ 2017 की अपनी ‘नीच’ टिप्पणी को उचित ठहराने लौटे. उन्होंने कहा, ‘अय्यर ने तब अपनी खराब हिंदी का बहाना बनाकर माफी मांगी थी. अब वे कह रहे हैं कि उनका आकलन सही था. कांग्रेस ने पिछले साल उनके निलंबन को वापस ले लिया था. कांग्रेस का दोहरा चरित्र और अहंकार फिर सामने आया.’

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित भाषा बोलने के लिए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कांग्रेस से मणिशंकर अय्यर की ओर से मोदी के खिलाफ 'नीच' शब्द का इस्तेमाल करने को सही ठहराने पर प्रतिक्रिया मांगी. उन्होंने कहा, अपने बयान को सही ठहराने की अय्यर की कोशिश पर कांग्रेस का क्या कहना है.

गौरतलब है कि कई महीनों तक चुप्पी साधे रहने के बाद कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर मंगलवार को एक बार फिर सुर्खियों में आ गए जब उन्होंने अपने एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘नीच’ शब्द के प्रयोग को उचित ठहराया और सबसे खराब भाषा प्रयोग करने वाला प्रधानमंत्री बताया. अपने लेख में अय्यर ने कई मुद्दों पर मोदी की आलोचना की और कहा कि याद करें कि किस प्रकार से मैंने 7 दिसंबर 2017 को उनकी व्याख्या की थी. क्या मेरा आकलन सही नहीं था? 2017 में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मोदी को ‘नीच आदमी’ संबोधित किया था जिसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.

अय्यर का यह बयान 2017 का है. उन दिनों गुजरात में विधानसभा चुनाव था. मोदी ने चुनावी रैलियों में अय्यर के बयान को यह कहकर भुनाने की कोशिश की थी कि उन्हें 'नीची जाति' का कहा गया. अय्यर का कहना है कि वह आज भी अपने उस बयान पर कायम हैं. उनके इस बयान के बाद बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आई है. पिछले दिनों कांग्रेस के नेता सैम पित्रोदा ने सिख विरोधी दंगों को लेकर एक बयान में कहा था, 'हुआ तो हुआ.' इसके बाद आलोचना होने पर पित्रोदा ने माफी मांग ली थी.